यूपी विधानसभा में समाजवादी पार्टी गठबंधन को विपक्ष का साथ नहीं मिल रहा है. सपा के विधायकों के धरने का कांग्रेस और बीएसपी ने विरोध किया है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को हंगामा जारी है. खबर लिखे जाने तक शिवपाल यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के विधायक धरने पर बैठे हुए हैं. आरएलडी के विधायक भी उनके साथ हैं. लेकिन बीएसपी और कांग्रेस ने सपा के धरना प्रदर्शन का विरोध किया है.
विधानसभा में गुरुवार को फिर से जातिगत जनगणना की मांग उठी है. सपा के ओर से इस मांग को लेकर शिवपाल यादव के नेतृत्व में सभी सपा और आरएलडी के विधायक विधानसभा परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं. लेकिन अब सपा की इस मांग का कांग्रेस और बीएसपी ने समर्थन नहीं किया है. दोनों ही पार्टियों ने बीजेपी और सपा पर आपस में मिले होने का आरोप लगाया है.
इसपर प्रतिक्रिया देते हुए बीएसपी के विधायक उमाशंकर सिंह ने कहा, "सपा और बीजेपी आपस में मिले हुए हैं. अखिलेश यादव और शिवपाल यादव बीजेपी के इशारों पर काम कर रहे हैं. प्रश्न काल का समय बर्बाद हो रहा है. जनता के मुद्दे पर बात नहीं हो पा रही है." जबकि कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मोना मिश्रा ने कहा, "जिस तरह से आज एक सवाल के बाद सपा के विधायक वेल में गए वो उनका मुद्दा है."
कांग्रेस विधायक ने कहा, "मेरा भी सवाल नहीं हो पाया है. हमारे सवाल थे लेकिन हंगामा के कारण स्थगित कर दिया गया. हम चाहते हैं कि सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो, जिससे हम सवाल कर सकें." वहीं सपा विधायक ने इन आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि उनका आरोप निराधार है. कितनी है बार अखिलेश यादव ने प्रेस कॉफ्रेंस में अपनी मांग रखी है. ऐसे में जातिगत जनगणना के सवाल पर विधानसभा में विपक्ष बंटा हुआ नजर आ रहा है.
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