डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को विपक्षी दलों द्वारा बजट को दिशाहीन बताए जाने पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों को इसपर जवाब दिया है.
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार ने बुधवार को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बजट पेश किया है. इस बजट को विपक्षी दलों ने दिशाहीन बताया है. जिसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों को जवाब दिया है.
ब्रजेश पाठक ने कहा, "विपक्ष के पास कोई नीति और एजेंडा कहने को नहीं बचा है. उनके शासनकाल के जो कारनामे हैं वो प्रदेश की जनता अच्छी तरह से जान और समझ रही है. उनको याद है कि ये गुंडा राज्य था, भ्रष्टाचार में डूबी हुई सरकार थी."
डिप्टी सीएम आगे कहा, "सरकार की पूरी व्यवस्थाओं पर लूट-खसोट का जरिया समाजवादी पार्टी का शासनकाल बन गया था. आज भाजपा की सरकार में बेहतर से बेहतर सरकार देश को मिल रही है और प्रदेश के लोग कह रहे हैं कि भाजपा जैसा कोई नहीं है.
दरअसल, इस बजट को अखिलेश यादव ने ‘दिशाहीन और निराशाजनक’ करार देते हुए कहा है कि बजट को देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि सरकार प्रदेश को 1000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बना पायेगी. मायावती ने बजट को 'ऊंट के मुंह में जीरा' करार देते हुए इसे लोकसभा चुनाव के स्वार्थ को लेकर एक बार फिर वादों का पिटारा करार दिया.
राष्ट्रीय लोकदल के उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा कि बजट में किसानों, जवानों के मामलों को छुआ नहीं और कोरोना के कारण समाप्त हुए रोजगार का भी कोई समाधान नहीं दिखा. जबकि कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि सरकार पिछले बजट का ही 50 प्रतिशत खर्च नहीं कर पायी है.
राजनीतिक जानकारों ने अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत बजट को सभी वर्गों को साधने की पहल कहा है. जिसके बाद गुरुवार को विपक्षी दलों को डिप्टी सीएम ने जवाब दिया है.
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