अंबेडकरनगर : धान खरीद में फिसड्डी रहा जिला

अंबेडकरनगर : धान खरीद में फिसड्डी रहा जिला

पिछली बार की तुलना में इस बार 87 फीसदी नहीं हो सकी खरीद




अम्बेडकरनगर। खाद विपणन विभाग एवं क्रय केंद्र प्रभारियों के मनमानी और लापरवाही के कारण धान खरीद का लक्ष्य कम करने के बाद भी इस बार धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। पिछली वर्ष 93 फीसदी धान की खरीद हो पाई थी। वहीं इस बार 87 फीसदी भी नहीं हो सकी। खरीद के अंतिम दिन तक किसान अपने धान के तौल के लिए जूझते रहे। 


पिछले वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए प्रशासन ने एक लाख 59 हजार का लक्ष्य दिया था। इस बार 4 हजार एमटी कम, 1 लाख 55 हजार का लक्ष्य मिला था। इसके बाद भी इस बार धान खरीद पिछले बार की तुलना में कम रहा। पिछले बार जहां 93 फीसदी हुई थी। वहीं, इस बार 30,353 किसानों के 86.24 प्रतिशत यानी सिर्फ 1,33,676.85 एमटी धान ही खरीदा गया, जो लक्ष्य की तुलना में लगभग 21 हजार एमटी की खरीदारी कम हुई। 


शासन ने धान खरीद से पहले बड़े दावे किए और लक्ष्य को पूरा करने के लिए पांच एजेंसियों के 75 धान तौल केंद्र बनाये गए। धान खरीद के शुरुआती दौर में मोटे धान की खरीद के लिए संबंधित किसानों से पक्की जीएसटी बिल की मांग की जा रही थी। इसके चलते किसानों को मुश्किलें उठानी पड़ी थीं। हालांकि बाद में इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी गई। इसके बाद भी ज्यादातर क्रय केंद्रों पर प्रभारियों की मनमानी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। समय पर खरीद न होने से 20 से 25 दिनों तक किसान धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पर लाइन लगाने को मजबूर होते रहे।


 धान तौल केंद्रों पर भीड़ होने के बाद भी फरवरी के पहले सप्ताह मे करीब 63 धान क्रय केंद्र को बंद कर दिया गया और केवल 13 केंद्रों पर ही तौल हुई, जिसके कारण किसानों को तौल के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ा। वही खरीद का जो लक्ष्य मिला था, उसे पूरा नहीं कर सके।

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