अंबेडकरनगर : सावधान! कहीं आप जहर तो नहीं खा रहें हैं....???

अंबेडकरनगर : सावधान! कहीं आप जहर तो नहीं खा रहें हैं....???




खुलेआम बिक रहा है जहरीला रसायनयुक्त खाद्य पदार्थ


चाऊमीन, मोमोज, वेज रोल, फालूदा, कुल्फी, आइसक्रीम, लस्सी व बादाम शेक शरीर के लिए कितने हैं फायदेमंद....???


जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए चुनौती बने ये व्यवसाई 


- सत्यम(9369424759)


अंबेडकरनगर। अकबरपुर-शहजादपुर और जिले के तमाम बाजार, कस्बों में रसायन युक्त अखाद्य पदार्थों का निर्माण और बिक्री पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। इससे जनस्वास्थ्य के लिए हमेशा खतरा बना हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावट व डुप्लीकेसी पर नियंत्रण लगाने में असमर्थ-सा दिख रहा है। 


अकबरपुर / शहजादपुर में भीड़भाड़ वाले विभिन्न स्थानों पर मैजिक चार पहिया ( पिकअप ) पर ठंडा पेय पदर्थ पिछले एक दशक से बेंचा जा रहा है। इन चलती फिरती दुकानों पर फालूदा, कुल्फी, आइस क्रीम और बादाम शेक बेंचे जाते हैं। इनमे भरी मिलावट और जहरीला रसायन युक्त सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है।


बताया जाता है कि ये व्यवसाई बाहरी प्रांतों के रहने वाले हैं। यहां आकर ठंडा खाद्य एवम पेय पदार्थ स्वयं बनाकर बेंचते हैं।


इस जिले में कई जगहों पर दर्जनों ठंडा पेय और खाद्य पदार्थों वाले सचल दुकानें सड़कों के किनारे खड़ी होकर नित्य लाखों का व्यवसाय कर रही हैं। जीएसटी विभाग भी इनको नजरंदाज किए हुए बताया जाता है।




जानकारों द्वारा ऐसे दुकानों के पेय व खाद्य पदार्थों में मिलावटी और रसायन युक्त सामग्रियां मिश्रित होने की बातें कही जाती हैं। 


ठंडी कुल्फी फालूदा बादाम शेक का सेवन करने वालों की तादात काफी बढ़ी हुई है। अपनी चलती फिरती दुकानों पर ग्राहकों की आशातीत भीड़ देखकर ये व्यवसाई जागरूक ग्राहकों की बात भी नहीं सुनते है।


खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार लोग भी इन चलती फिरती दुकानों का निरीक्षण भी नहीं करते हैं।


समाज सेवी संस्थाओं के कार्य कर्ताओं ने कहा है कि इन ठंडा पेय और खाद्य पदार्थों में कोई मानक भी नही रखा गया है।





अकबरपुर-शहजादपुर के मुख्य बाजारों, मोहल्लों में जगह-जगह ठेला, रेहड़ी और ऑटो-वैन पर लादकर कुल्फी, फालूदा, आइसक्रीम, बादाम शेक और लस्सी व मिल्क शेक की धुंआधार बिक्री की जा रही है। इस व्यवसाय से जुड़े लोग मनमानी कीमत पर अखाद्य व रसायनयुक्त उत्पादों को बेचकर मालामाल हो रहे हैं। परन्तु, आम जनमानस इन अखाद्य पदार्थों का सेवन करके जाने-अनजाने में अनेकों बीमारियों को दावत दे रहा है। इसके अलावा, ठीक इसी अंदाज में फास्टफूड जैसे मोमोज, चाऊमीन, बर्गर, पिज्जा आदि का निर्माण और अच्छे दामों पर उनकी बिक्री की जा रही है। मोमोज, चाऊमीन जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने वाले असमय ही बीमार पड़ने लगे हैं।


अकबरपुर बस स्टेशन एवं टांडा रोड और पटेलनगर तक सड़क पर अनेकों रेस्तरां और फास्ट फूड कॉर्नर व रेहड़ी पर मोमोज, चाऊमीन की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। इनमें रसायनयुक्त व अखाद्य तेलों व अन्य निर्माण सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है, जो पेट व त्वचा रोग जैसे अन्य संक्रामक रोगों को दावत देते हैं। 




अकबरपुर-शहजादपुर के तमाम जगहों पर फास्टफूड रेस्तरां के नाम पर दुकानें संचालित हो रहीं हैं। इन पर रसायनयुक्त निर्माण सामग्रियों का प्रयोग कर चाऊमीन एवं अन्य प्रकार के फास्टफूड निर्मित किए जाते हैं। इन फास्टफूड डिशेस को व्यवसाई महंगे और मनमाने दामों पर बेंचकर मालामाल हो रहें हैं। खाने वाले शौकीन जाने-अनजाने में बीमारियां मोल ले रहे हैं और जेब से कंगाल हो रहे हैं।


चाऊमीन के बारे में कहा जाता है कि इसमें रसायनयुक्त तीखा मसाला(स्पाइसी) प्रयोग किया जाता है। साथ ही, इन खाद्य पदार्थों के निर्माण में मिलावटी व घटिया स्तर तथा नकली ब्रांड नामों के मक्खन व तेल का इस्तेमाल किया जाता है। मसाले भी घटिया, मिलावटी व घातक रसायनयुक्त होते हैं। 


विदेशी डिश जिसे बोलचाल की भाषा में मोमोज कहा जाता है। जिला मुख्यालय अकबरपुर व शहजादपुर दोनों उपनगरों में सैकड़ों की संख्या मे ंरेहड़ी व ठेला ़पर मोमोज बिकता हुआ दिखाई पड़ रहा है। आजकल जिस रेहड़ी व ठेलों पर बच्चों, युवतियों, युवकों व महिलाओं की भीड़ हो, वह आसानी से चिह्नित किया जा सकता है कि मोमोज की रेहड़ी हो। मोमोज में क्या-क्या मिला होता है, इसे बनाकर बेचने वाले भी नहीं जानते। क्योंकि, इसके निर्माण की सभी सामग्रियां रेडीमेड तरीके से थोक व फुटकर दुकानों पर मिल जाती हैं। मोमोज बेचने व बनाने वाले सिर्फ कथित मैदा की लोई ही बनाते हैं। उन्हें बेलकर उसमें रसायनयुक्त रेडीमेड अखाद्य सामग्रियां भरकर मोमोज का आकार दे देते हैं। पात्र में रखकर उबालते हैं और रेडीमेड खट्टी-मीठी चटनी के साथ ग्राहकों से मनमानी कीमत लेकर बेंच देते हैं। 




अकबरपुर बस स्टेशन, टांडा मार्ग पर पीडब्ल्यूडी कार्यालय व नया डाक बंगला के इर्द-गिर्द व उसके ठीक सामने मोमोज और वेज रोल, वेज कबाब पराठा आदि नामों से खाद्य पदार्थों की बिक्री निर्बाध्य की जा रही है। इन रेहड़ी, ठेला, स्थाई, व्यवसाइयों को भी नहीं मालूम कि इन खाद्य पदार्थों में इस तरह की सामग्रियों का प्रयोग किया गया है। इस तरह न तो बनाने वाला, बेचने वाले और खाने व इस्तेमाल करने वाले ग्राहक, किसी को भी नहीं मालूम यह सब रसायनयुक्त स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों से मिलकर बना हुआ है। 


लब्बो-लुआब यह है कि अकबरपुर-शहजादपुर में निवास करने वाले लोग ही नहीं, अपितु यहां के नजदीकी व बाहरी लोग भी जानकारी के अभाव में स्वास्थ्य के लिए खतरनाक या सीधी भाषा में कहा जाए तो, जहरीले खाद्य पदार्थ का सेवन स्वाद और शौक के चलते कर रहे हैं। सभी में, जागरुकता बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए, जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग व खाद्य सुरक्षा विभाग जैसे सरोकारियों को पहल करने की जरुरत है। जनस्वास्थ्य के दृष्टिगत नियमित रुप से इस तरह की दुकानों, रेहड़ी, ठेला जैसे स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की नियमित तौर पर जांच-पड़ताल की जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होगा तो, जाने-अनजाने लोग अपनी शौक व जीह्वा स्वाद की तृप्ति के साथ अपना स्टेटस सिंबल प्रदर्शित करने के लिए जहरीले पदार्थों को शरीर में लेते रहेंगे और असमय ही बीमार होकर मरते रहेंगे।

Post a Comment

और नया पुराने