विपक्ष दलों और एनडीए की बैठक के बाद बीएसपी चीफ मायावती ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इन दलों की नीति, नियत और सोच पर सवाल खड़े किए हैं.
विपक्ष के 26 दलों ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए बेंगलुरु में बैठक की. वहीं मंगलवार शाम दिल्ली में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की बैठक हुई. एनडीए की बैठक में कुल 38 दल शामिल हुए थे. इन दोनों बैठकों के बाद अब बीएसपी चीफ मायावती की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने दोनों गठबंधनों से दूरी बनाने की बात कही है.
मायावती ने इन बैठकों पर जवाब देते हुए कहा, "लोकसभा चुनाव का समय अब बेहद नज़दीक है. सत्ताधारी गठबंधन व विपक्षी गठबंधन की बैठकों का दौर चल रहा है, हालांकि इन मामलों में हमारी पार्टी भी पीछे नहीं है. एक तरफ सत्ता पक्ष NDA अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की दलीलें दे रही है तो दूसरी तरफ विपक्षी गठबंधन सत्ताधारी को मात देने के लिए कार्य कर रही है और इसमें BSP भी पीछे नहीं है."
बीएसपी चीफ ने कहा, "कांग्रेस पार्टी अपने जैसी जातिवादी और पूंजीवादी सोच रखने वाली पार्टी के साथ गठबंधन करके फिर से सत्ता में आने की सोच रख रही है, साथ ही NDA फिर से सत्ता में आने का दावा ठोक रही है लेकिन इनकी कार्यशैली यही बताती है कि इनकी नीति और सोच लगभग एक जैसी ही रही है. यही कारण है कि BSP ने इनसे दूरी बनाई है." बसपा प्रमुख ने कहा, "हम अकेले चुनाव लड़ेंगे. हम राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना में अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे और हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में हम राज्य के क्षेत्रीय दलों के साथ चुनाव लड़ सकते हैं."
उन्होंने कहा, "बीजेपी फिर से केंद्र में सरकार बनाने का दावा ठोक रही है. लेकिन इसकी कथनी और करनी में कांग्रेस से कोई ज्यादा अलग नहीं है. जबकि जनता से किए गए इनके वादे में अधिकांश खोखले साबित हुए हैं. वैसे भी कांग्रेस और बीजेपी, दोनों के बने गठबंधन की और अब तक के सरकारों की कार्यशैली यही बताती है कि इनकी नीति, नीयत और सोच सभी के लिए एक जैसी नहीं रही है." बता दें कि दोनों ही गठबंधनों की बैठक के बाद लखनऊ में मायावती ये बातें कही हैं.
