रिपोर्ट - सत्यम सिंह गर्गवंशी
अम्बेडकरनगर। रंगोत्सव होली बीतने के साथ ही मार्च के अंतिम हफ्ते से गर्मी पड़ने लगी। लोगों को गर्मी का आगाज देखकर ही एहसास होने लगा कि इस बार गर्मी भी अपना प्रचंड रूप दिखाएगी। मार्च के अंतिम दिनों और अप्रैल के पहले सप्ताह से ही तापमान का पर बढ़ गया।गर्म हवाएं लू चलने लगी।
तात्पर्य यह कि गर्मी के मौसम ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। किसानों के खेतों में पकी हुई गेहूं की खड़ी फसलें। किसान अपनी मेहनत को किसी भी अनहोनी से बचाने के लिए चिंताग्रस्त है। सूरज की प्रचंड गर्मी , चलने वाली लू और होने वाले अग्निकांडों की खबरें मिलने लगी हैं।
जिले में अग्निकांड से फसलें जलने अन्नदाता की मेहनत के राख होने का सिलसिला शुरू हो गया है। गर्मी और तेज गर्म हवाओं के चलने से ग्रामीण क्षेत्रों में आबाद किसानों के खेतों में आग लगने का क्रम भी तेज हो गया है। आग लगने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नज़र आ रहा है जिससे किसान परेशान नज़र आ रहा है।
जिले का किसान (फायर विभाग अग्निशमन विभाग) की शिथिलता का खामियाजा भुगतने पर मजबूर है।
आलापुर तहसील के संदहा मजगवा में बिजली की चिंगारी ने किसानों के 12 बीघा गेंहू की खड़ी फसल को किया स्वाहा। फायर ब्रिगेड सूचना के कई घंटे बाद पहुंचा मौके पर। तब तक गांव वालों ने खुद कड़ी मशक्कत करके आग पर पाया काबू।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार की दोपहर को आलापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम संदहा मझगवां में बिजली की शार्टसर्किट से खेत में भयंकर आग लग गई जिसकी चपेट में आने से 12 बीघा से अधिक तैयार फसल जलकर स्वाहा हो गई।
बताया गया है कि इस अग्निकांड में गांव के किसान किशोर पासवान, मेवालाल पासवान, वकील सिद्दीकी, नसीर सिद्दीकी, संतराम, नंदलाल, बाबूराम आदि किसानों की फसलें जलकर बर्बाद हो गई है।
किसानों और प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है कि ग्रामीणों के अथक प्रयास के कारण आग पर काबू पाया गया। आग लगने की सूचना के काफी देर बाद अग्निशमन की टीम पहुंची जिसके कारण नुकसान अधिक हुआ।
आलापुर का अग्निशमन विभाग निष्क्रिय सा कहा जा रहा है। विभाग द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम भी कभी आयोजित नही किया गया। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी भी एकदम से शिथिल पड़ गए हैं। ये फायर कर्मी इनएक्टिव नज़र आते हैं जिसके कारण अग्निशमन यंत्रों उपकरणों को अग्निकांड स्थलों तक/पर पहुंचने में देरी हो जाती है और इसकी वजह से अग्निकांड पीड़ित लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
लब्बोलुआब यह कि मार्च के अंतिम दिनों और अप्रैल के प्रथम सप्ताह से ही तेज धूप तेज गर्मी व लू चलने लगी हवा के थपेड़ों से जहां आम जनजीवन अस्तव्यस्त नज़र आ रहा है वहीं किसानों की तैयार फसल पर अग्निदेव का कहर भी टूट रहा है। अग्निशमन विभाग मस्त होकर अपनी ड्यूटी निभाने का दावा कर रहा है।
