अंबेडकरनगर : जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह के लगातार निर्देशों के बावजूद, कटेहरी उपचुनाव में निष्पक्ष चुनाव कराने के प्रयासों में शिथिलता का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों की निष्क्रियता और सत्ता पक्ष के प्रति झुकाव ने चुनाव आयोग की मंशा को संदेह के घेरे में ला दिया है।
277 कटेहरी उपचुनाव की ड्यूटी में लगी उड़नदस्ता टीम की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। टीम द्वारा वाहनों के चालान काटने के अलावा, मिझौडा तिवारीपुर मार्ग पर एक और मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां टीम ने जलनिगम के पोस्टर को एक तरफ आचार संहिता का उल्लंघन बताया, वहीं दूसरी ओर पोस्टर को जब्त नहीं किया गया।
मिझौडा तिवारीपुर मार्ग पर उड़नदस्ता टीम ने एक बाइक चालक को रोककर जलनिगम के बैनर की जांच की, जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरें थीं। टीम ने इसे बिना वैध कागजात के ले जाने का आरोप लगाया, लेकिन कुछ ही देर बाद उन बाइक चालकों को बैनर के साथ छोड़ दिया गया। यदि यह पोस्टर आचार संहिता का उल्लंघन कर रहा था, तो फिर इसे जब्त क्यों नहीं किया गया?
इस प्रकार की कार्रवाई न केवल चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करती है, बल्कि जिला निर्वाचन अधिकारी और अपर जिला निर्वाचन अधिकारी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का भी मजाक बनाती है। क्षेत्र में चर्चा है कि यदि उड़नदस्ता टीम सत्ता पक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती, तो यह जनपद में निष्पक्ष चुनाव की मंशा पर बट्टा लगा रही है।
अब देखने की बात होगी कि जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य उच्च अधिकारी इस स्थिति पर कैसे कार्रवाई करते हैं और चुनावी निष्पक्षता को कैसे सुनिश्चित किया जाएगा। क्या उड़नदस्ता टीम को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने के लिए निर्देशित किया जाएगा, या फिर यह स्थिति जैसी है वैसी ही बनी रहेगी?
