समितियों पर डीएपी गायब, निजी दुकानों से महंगे कीमत पर खरीद रहे किसान

समितियों पर डीएपी गायब, निजी दुकानों से महंगे कीमत पर खरीद रहे किसान


- सत्यम सिंह

अंबेडकरनगर। सहकारी समितियों में डीएपी खाद न होने से किसानों को दलहनी व तिलहनी फसलों की बोआई में दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।डीएपी की लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है। इससे मजबूर होकर किसान महंगे दामों पर निजी दुकान से खाद लेने को मजबूर हैं।


मौजूदा समय में सरसों, चना, मटर व आलू की बोआई चल रही है। इन फसलों की बेहतर उपज के लिए डीएपी खाद की सर्वाधिक जरूरत पड़ती है। इसके बावजूद समितियों पर डीएपी खाद ही उपलब्ध नहीं है। बीते दिनों जिले को पांच हजार चार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध हुई थी, लेकिन मौजूदा समय में किसी भी समिति पर खाद उपलब्ध नहीं है। इससे किसानों को मजबूर होकर निजी दुकानों से खाद खरीदनी पड़ रही है। सहकारी समितियों से खाद नदारद होने के बाद निजी दुकानदार महंगे दाम पर खाद बेचते हैं। 

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