अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से कभी-कभी इलाज के अभाव में मरीज की मौत हो जाती है। बीते दो दशक से संयुक्त जिला अस्पताल प्रशासन के प्रमुखों द्वारा विगत कई वर्षों से शासन को पत्र लिखकर अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती की मांग की गई है, लेकिन अभी तक नहीं तैनाती नहीं ली गई है। यह अत्यंत सोच का विषय है।
- सत्यम सिंह
ज्योतिबा फुले जिला चिकित्सालय में कार्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक की तैनाती नहीं है। ठंड के मौसम में दूर दराज से इलाज की उम्मीद में अस्पताल आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के कारण लंबे समय से इस पद की जिम्मेदारी एमडी मेडिसिन संभाल रहे हैं।
जिले में मरीजो को बेहतर सुविधा मिले। इसके लिए करीब दो दशक पहले 100 बेड के अस्पताल का निर्माण तत्कालीन बसपा सरकार ने करवाया था। अस्पताल की बिल्डिंग तो बन गयी, लेकिन यहां हमेशा डॉक्टरों की कमी रहती है, जिससे मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पाता है। अब तक अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है।
मौजूदा समय में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसमें सांस फूलने की बीमारी तेजी से फैल रही है। रोजाना जिला अस्पताल में सांस फूलने से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। औसतन आधा दर्जन मरीज हृदय की गंभीर बीमारी से त्रस्त होकर आते हैं। सांस फूलने से पीड़ित मरीजों का तो एमडी मेडिसिन डॉ. डीपी वर्मा, डॉ. मनोज शुक्ला और डॉ. योगेश वर्मा इलाज कर देते हैं, लेकिन गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से कभी-कभी मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो जाती है।
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