अंबेडकरनगर। जिले के रहने वाले भारतीय सेना में जेसीओ अरविंद तिवारी ने देश की सीमा की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। चीन की सीमा पर तैनात अरविंद शुक्रवार को शहीद हो गए। 52 वर्षीय अरविंद तिवारी की एक अविवाहित पुत्री समेत दो बेटियां व एक बेटा है।
शहीद मेजर का पार्थिव शरीर शनिवार को अहिरौली थाना क्षेत्र के आशागढ़ तिवारी का पूरवा स्थित पैतृक गांव लाया जाएगा। जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा। शहीद जेसीओ अरविंद तिवारी के पिता सेवानिवृत्त सूबेदार हैं।अरविंद के दो भाई आज भी भारत मां की रक्षा में तैनात है।
जानकारी के मुताबिक अत्यधिक बर्फबारी से ठंड व माइनस तापमान में ड्यूटी के दौरान रक्त परिसंचरण रुक जाने से
अरविंद शहीद हो गये।बेटे की शहादत की सूचना मिलते ही परिवार वालों के होश उड़ गए। पिता ने बताया कि
अरविंद सिक्किम राज्य के गंगोह स्थित बीआरओ के HQ SWTKमें तैनात थे।
शहीद के पिता ने बताया कि अरविंद काफी हंसमुख प्रवृत्ति के थे।अचानक शुक्रवार उनके निधन की खबर मिली तो परिवार वालों की पैरों तले जमीन खिसक गई।
