हरभजन सिंह ने लिया क्रिकेट की सभी फॉर्म से संन्यास

हरभजन सिंह ने लिया क्रिकेट की सभी फॉर्म से संन्यास


भारतीय ऑफ स्पिनर
हरभजन सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर क्रिकेट की सभी फॉर्म से संन्यास की घोषणा कर दी है। हरभजन सिंह लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे थे और आईपीएल में क्रिकेट खेल रहे थे। हरभजन को सबसे ज्यादा बॉर्डर गावस्कर सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ की गई गेंदबाजी के लिए याद किया जाता है जहां उन्होंने तीन मैचों में 32 विकेट लेकर अपने क्रिकेट करियर को फिर से जिंदा कर दिया था और उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

हरभजन सिंह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने भारत की दो विश्व कप जीतों में हिस्सा लिया जिसमें से 2007 का T20 वर्ल्ड कप और 2011 का वनडे वर्ल्ड कप शामिल है। भज्जी ने T20 वर्ल्ड कप के पहले संस्करण में 7 विकेट चटकाए थे जबकि 2011 में भारतीय स्पिन अटैक की अगुवाई की थी। हरभजन सिंह ने अंतिम T20 इंटरनेशनल मुकाबला 2016 में खेला था और यह भारतीय क्रिकेट टीम के लिए उनकी अंतिम अपीयरेंस भी थी।

हरभजन ने 103 टेस्ट मैचों में 417 विकेट लिए हैं और वह किसी भारतीय द्वारा लिए गए सर्वाधिक टेस्ट विकेटों की संख्या में नंबर चार पर खड़े हैं। 41 साल के हरभजन ने ट्विटर पर लिखा, "हर अच्छी चीज का एक अंत होता है और आज मैं उस खेल को विदाई दे रहा हूं जिसने मुझे जिंदगी में सब कुछ दिया मैं उन सबका धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने इस 23 साल की यात्रा को यादगार और खूबसूरत बनाया।"

हरभजन सिंह पिछले कुछ समय से क्रिकेट से दरकिनार किए जाने लगे थे क्योंकि उनको आईपीएल के पिछले सीजन में बहुत ही कम मुकाबले खेलने को मिले और संयुक्त अरब अमीरात में आईपीएल के दूसरे चरण के दौरान तो उनको पूरे सीजन से ही बाहर रखा गया। हरभजन सिंह को अपने करियर के अंतिम दिनों में युवाओं को तराशते हुए देखा गया और उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स में भी काफी समय बिताया। 

यहां तक कि पिछले साल केकेआर के कैंप में भी वे वरुण चक्रवर्ती को सलाह देते हुए दिखाई दिए। हरभजन ने आईपीएल में 163 मैच खेले और कुल मिलाकर 13 सीजन में भाग लिया और 26 के औसत के साथ 150 विकेट लिए जिसमें उनका बेस्ट बॉलिंग आंकड़ा 18 रन देकर पांच विकेट था। भज्जी ने इस दौरान मुंबई इंडियंस चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेला।

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