भिवानी। भिवानी में अरावली पर्वत श्रंखला की पहाड़ी ढहने के हादसे के बाद 3 लोगों की लाशें मिल चुकी हैं। अभी कई लापता लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि, पहाड़ दरकने से 20-25 लोग चपेट में आए। मरने वालों में ज्यादातर छत्तीसगढ़ और राजस्थान के हैं, जो कि श्रमिक थे। बहरहाल, 3 बड़े पत्थर बचाव कार्य में बाधा बने हैं।
वहीं, पुलिस-प्रशासन ने मीडिया के घटनास्थल पर जाने पर पाबंदी लगा दी है। ऐसे में कितने लोगों की जानें गई हैं, यह पता चलने में काफी समय लग सकता है। पुलिस का कहना है कि वहां भूस्खलन जैसी घटना हुई है और अनहोनी की आशंका से किसी गैर को वहां नहीं पहुंचने दिया जा रहा। वहां बचाव कार्य चल रहा है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। हम आपको वहां के हालातों के बारे में बताते रहेंगे।
बताया जा रहा है कि, उक्त स्थान पर NGT की रोक के कारण खनन कार्य पर रोक थी। हालांकि, शुक्रवार को ही यहां रोक हटी। जिसके बाद तोशाम के डाडम एरिया में खनन कार्य शुरू हुआ। फिर आज नई साल के पहले, शनिवार को खनन के दौरान ही पहाड़ ढह गया और काफी लोग चपेट आ गए।
इस बीच खानक-डाडम क्रशर एसोसिएशन चेयरमैन मास्टर सतबीर रतेरा ने हादसे को लेकर सफाई दी है। उसने कहा कि, पहाड़ फोरेस्ट एरिया की ओर दरका। उसने कहा, ''जिस वक्त यह घटना हुई, तब वहां कोई खनन कार्य नहीं हो रहा था। उसने कहा कि, खनन क्षेत्र दोनों ओर से फोरेस्ट एरिया से घिरा है और आज सुबह ही हजारों टन का पहाड़ दरकर खनन क्षेत्र की तरफ आया। वहीं, एक खनन कर्मचारी ने बताया कि, 5 वाहनों के दबने की पुष्टि हो चुकी है, जिनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है।