अम्बेडकरनगर : परीक्षा देते पकड़े गए सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य

अम्बेडकरनगर : परीक्षा देते पकड़े गए सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य


अम्बेडकरनगर।
जिले में यूपी टीईटी में रविवार को सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य परीक्षा देते हुए पकड़ लिए गए। इनमें दो युवक व एक युवती शामिल है। एक युवती को ब्लूटूथ डिवायस का प्रयोग कर परीक्षा में नकल करते, जबकि एक अन्य युवती को अन्य परीक्षार्थी की सीट पर परीक्षा देते हुए पकड़ लिया गया। पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर केस दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। 

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एस.पी. आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस सॉल्वर गैंग के पकड़े गये सदस्य अभ्यर्थियों से उनका पेपर हल करने की एवज में 3 लाख रूपए लेते थे। जिसमें से एक लाख रुपये का अग्रिम भुगतान हो गया था। टीईटी समेत विभिन्न परीक्षाओं में नकल व प्रश्नपत्र लीक होने के तमाम आरोपों को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन ने इस बार कोई भी गड़बड़ी रोकने को कई स्तरों पर इंतजाम किए थे। 

डीएम सैमुअल पॉल एन व एसपी आलोक प्रियदर्शी लगातार जरूरी तैयारी स्वयं करवा रहे थे। इसी का नतीजा रहा कि रविवार को आयोजित परीक्षा में सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य पकड़ लिए गए। इनमें से झिनकू प्रजापति निवासी मित्तूपुर थाना पवई आजमगढ़ को संदीप कुमार निवासी मुई बरौत थाना हंडिया जनपद प्रयागराज की जगह पर परीक्षा देते हुए रामसमुझ सुरसती पीजी कॉलेज शहजादपुर से पकड़ा गया। अखिलेश निषाद निवासी पहाड़पुर बस्तीपुर थाना दोस्तपुर जनपद सुल्तानपुर को अभ्यर्थी चंदन कुमार निवासी दुबौलीपट्टी थाना भटनी जनपद देवरिया की जगह परीक्षा देते हुए भानुमती पीजी कॉलेज औलियापुर से पकड़ लिया गया। एक युवती मोनिका राठौर निवासी पाउली थाना बेरछा मध्यप्रदेश हाल पता गोविंदपुर प्रयागराज को अभ्यर्थी निर्मला राजभर निवासी सरोजनीनगर जनपद लखनऊ की जगह बाबा बरुआदास पीजी कॉलेज जलालपुर में पकड़ा गया।

इनके अलावा राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अकबरपुर में परीक्षार्थी साधना मौर्य को ब्लूट्रुथ डिवायस का प्रयोग कर परीक्षा में नकल करते पकड़ लिया गया। एकता सिंह निवासी कटेहरी थाना अहरौली को दूसरे अभ्यर्थी की सीट पर बैठकर परीक्षा देते हुए पकड़ लिया गया। केंद्र व्यवस्थापकों ने इन सभी आरोपियों के विरुद्ध तहरीर दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेते हुए केस दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी।

पुलिस अधीक्षक प्रियदर्शी ने बताया कि सॉल्वर गैंग के मुख्य आरोपी झिनकू प्रजापति ने पूछताछ में बताया कि हम लोग अभ्यर्थियों से उनका पेपर हल करने के लिए 3 लाख रुपये में सौदा करते थे। इनमें से एक लाख रुपये अग्रिम हासिल कर लिए गए थे। दो लाख रुपये परीक्षा के बाद मिलने थे। बताया कि परीक्षा में मूल अभ्यर्थी के प्रवेशपत्र व मार्कशीट पर सॉल्वर का फोटो लगाकर अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा में शामिल हो जाया जाता है।

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