अम्बेडकरनगर। देश की जानी मानी लेखिका व साहित्यकार विद्या बिंदु सिंह को गणतंत्र दिवस के अवसर पर पद्मश्री सम्मान से नवाजे जाने के बाद उनके पैतृक जिले में खुशी की लहर है। लोग उन्हें सोशल मीडिया तथा फ़ोन के जरिये बधाई दे रहे हैं। उन्हें हिंदी साहित्य की विशिष्ट सेवा के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। पद्मश्री भारत में दिया जाने वाला चौथा सबसे बड़ा नागरिकता सम्मान है।
विद्या बिंदु सिंह जिले के भीटी तहसील के ग्राम जैतपुर खेमापुर की निवासी हैं। उनका जन्म 2 जुलाई 1945 में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा यहीं हुई थी फिर आगरा विश्वविद्यालय से परास्नातक एवं पीएचडी किया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय से बीएड तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय से डीलिट् के लिए लोक साहित्य के अभिप्रायों का व्याकरण विषय पर शोध किया।
विद्या बिंदु सिंह को मिला सम्मान-
विद्या बिंदु सिंह इससे पहले साहित्य श्री, राष्ट्र भाषा रत्न, महादेवी वर्मा सम्मान, जायसी सम्मान, विश्व भारती सम्मान, हिंदी गरिमा सम्मान, शताब्दी रत्न, सहस्राब्दि विश्व हिंदी सेवी सम्मान, भगवत सम्मान, लोक श्री सम्मान, साकेत सम्मान, बाल साहित्य सम्मान, वंशीधर शुक्ल स्मृति सम्मान, अवधी शिरोमणि सम्मान, राष्ट्रीय राज भाषा शील्ड सम्मान, लोक साहित्य रत्न सम्मान, साहित्य गौरव सम्मान, संस्कृति भारती सम्मान, महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान, साहित्य श्री अलंकरण सम्मान से नवाजी जा चुकी हैं। नाटक, लोक साहित्य, उपन्यास, कविता, संग्रह बाल साहित्य के क्षेत्र में विद्या बिंदु सिंह की दो दर्जन से अधिक रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं।