बता दें, रामडीह सराय गांव में गाटा संख्या 366 मी में 31 अक्टूबर 2014 में आर्युवैदिक अस्पताल बनने के लिए शिलान्यास किया गया था, लेकिन बजट न होने से उस समय काम शुरू नहीं हो सका। मार्च 2022 में अस्पताल बनने के लिए 30 लाख आवंटन हुआ। धनराशि आने के बाद से ग्राम प्रधान समेत सैकड़ों लोग अस्पताल को आवंटित हुई, जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर शिकायती पत्र दे रहें है, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है।
आरोप है कि अस्पताल की जमीन पर अच्छेलाल, सुनीता पांडेय, हरिवंश शुक्ल और श्यामलाल ने मकान आदि बनाकर कब्जा कर लिया। मामले में ग्राम प्रधान अंकिता व उनके पति जनार्दन यादव द्वारा क्षेत्रीय यूनानी आर्युवैदिक अधिकारी निशा वर्मा ने मामले की शिकायत की।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए निशा वर्मा ने डीएम के माध्यम से पत्र देकर उक्त जमीन को खाली कराने की मांग की, लेकिन कई बार की शिकायतों के बाद जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। मामले में अतिक्रमण किए लोगों कई बार नोटिस भी दी गई, लेकिन रसूख के बल पर दबंग जमीन को खाली नहीं कर रहे है।
प्रधान व ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण करने वाले लोगों प्रशासन मेहरबान है। इसलिए अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द अतिक्रमण नहीं तो तो वह लोग आंदोलन करेंगे।
