शिथिलता बरतने में 92 ग्राम पंचायत सचिवों को दी गई कारण बताओ नोटिस

शिथिलता बरतने में 92 ग्राम पंचायत सचिवों को दी गई कारण बताओ नोटिस



अम्बेडकरनगर। जिले के 115 गांवों में संचालित मिनी सचिवालय के काम काज में शिथिलता बरतना भारी पड़ेगा। मिनी सचिवालय के कार्यों में ढिलाई बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिला पंचायत राज अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने  बताया कि ऐसे 92 पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा गया है। तय समयावधि में नोटिस का उचित जवाब न देने वालों के खिलाफ प्रशासन आगे की दंडात्मक कार्रवाई तय करेगा।

निर्देश के बाद भी मिनी सचिवालयों में पेयजल व प्रकाश से लेकर अन्य जरूरी मूलभूत सुविधाएं मुहैया न हो पाने के कारण अब तक 115 पंचायत भवनों का सुचारू संचालन तक शुरू नहीं हो पाया है। संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों के स्तर पर मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने में बरती गयी उदासीनता व ढिलाई से नाराज होकर ही 115 पंचायत भवनों की जिम्मेदारी संभालने वाले 92 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर कार्रवाई के घेरे में लिया गया है।

जिले में कुल 902 ग्राम पंचायतें हैं। सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन स्थापित किया गया है। इनका सुचारू रूप से संचालन हो सके, इसके लिए न सिर्फ पंचायत सहायकों की तैनाती की गई, बल्कि संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया कि मिनी सचिवालय के संचालन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं प्राथमिकता पर पूरी करायी जाएं। तमाम निर्देशों के बाद भी 115 गांवों में पंचायत भवन का निर्माण पूरा हो जाने के बाद भी जरूरी मूलभूत सुविधा न होने के कारण इनमें कामकाज संचालन शुरू नहीं हो पाया है। 

जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुसार  सभी 92 ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे तीन से पांच दिन में लिखित जवाब मांगा गया है। नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने वाले पंचायत सचिवों को चिह्नित कर आगे की कार्रवाई तय होगी। निर्माण पूरा होने के बाद भी मिनी सचिवालयों के संचालन में लापरवाही बरतने वालों पर जल्द ही कार्रवाई तय होगी। इसकी प्रक्रिया को शुरू करते हुए कामकाज में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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